HRI परमाणु ऊर्जा विभाग, भारत सरकार द्वारा एक सहायता प्राप्त संस्थान

हरीश-चन्द्र अनुसंधान संस्थान (एच. आर. आई.) गणित और सैद्धांतिक भौतिकी के शोध में समर्पित एक प्रमुख संस्थान है| यह इलाहाबाद, भारत में अवस्थित परमाणु ऊर्जा विभाग, भारत सरकार द्वारा वित्त-पोषित संस्था है।

यहाँ बीजगणित, विश्लेषण, ज्यामिति और संख्या सिद्धांत गणित में शोध के प्राथमिक क्षेत्र हैं जबकि खगोलभौतिकी, संघनित पदार्थ भौतिकी (Condensed Matter Physics), कण भौतिकी, क्वाण्टम सूचना एवं अभिकलन, और रजु (String) सिद्धांत भौतिकी के प्राथमिक शोध क्षेत्र हैं। संस्थान गणित और सैद्धांतिक भौतिकी दोनों में पीएचडी कार्यक्रम चलाता है, और भौतिकी में एमएससी कार्यक्रम (2017 में) शुरू कर रहा है। संस्थान स्नातक और परास्नातक छात्रों के लिए विजिटिंग छात्र कार्यक्रम (Visiting Students Programme) और सकारात्मक रूप से विभिन्न आउटरीच कार्यक्रम चलाता है।

पिछले दो दशकों में एच.आर.आई का, गणित और सैद्धांतिक भौतिकी के शिक्षा और अनुसंधान दोनों में, महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस संस्थान के संकाय सदस्यों में 1 डिराक पदक एवं पद्म भूषण सम्मान से विभूषित तथा 5 भटनागर पुरस्कार से सम्मानित सदस्य हैं। यहाँ के लगभग 50 भूतपूर्व छात्र एवं छात्राएं देश के प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों में संकाय पदों को सुशोभित कर रहे हैं।

भौतिकी में प्रवेश

एच.आर.आई. भौतिकी में नियमित पीएच.डी. एवं एकीकृत एम.एस.सी-पीएच.डी. कार्यक्रमों का संचालन करता हैI एम.एस.सी डिग्री प्राप्त छात्रों के लिए नियमित पी.एच.डी जबकि विज्ञान अथवा अभियांत्रिकी में बैचलर डिग्री प्राप्त उम्मीदवारों के लिए एकीकृत कार्यक्रम के अवसर उपलब्ध हैं|

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गणित में प्रवेश

एच.आर.आई. गणित में नियमित / एकीकृत पी.एच.डी कार्यक्रम के लिए छात्रों का चयन NBHM रिसर्च फैलोशिप एवं साक्षात्कार के माध्यम से करता है| इसके अतिरिक्त CSIR रिसर्च फैलोशिप के सफल उम्मीदवार भी साक्षात्कार हेतु योग्य पात्र हैं|

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समाचार

  • प्रोफेसर राज गांधी को फर्मिलैब न्यूट्रीनो फिजिक्स सेंटर फेलो 2018-2019 के रूप में चुना गया है: यहाँ क्लिक करें।
  • गणित पीएचडी के साक्षात्कार के दोनों राउंड में चुने गए उम्मीदवारों की सूची, कार्यक्रम अगस्त 2018 से शुरू:: यहाँ क्लिक करें।
  • मास्क क्वांटम सूचना के लिए असंभव - एचआरआई, इलाहाबाद में क्यूआईसी समूह के सदस्यों ने हाल ही में भौतिक में प्रकाशित नो-गो प्रमेय साबित कर दिया है, जो Phys. Rev. Lett. में प्रकाशित है (एपीएस साइट के भौतिकी में भी दिखाया गया है) और phy.org में हाइलाइट किया था: यहाँ क्लिक करें।
  • क्वांटम सूचना क्रांति - क्या भारत तैयार है? 28 मई, 2018 को प्रकाशित नेचर इंडिया के,के एस जयरामन के साथ एच आर आई इलाहाबाद के प्रोफेसर अरुण कुमार पति के साथ एक साक्षात्कार: यहाँ क्लिक करें।
  • एमएससी और पीएचडी (भौतिकी) कार्यक्रम के लिए प्रवेश परीक्षा के पहले और दूसरे दौर में चयनित उम्मीदवारों की सूची।: यहाँ क्लिक करें।

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